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by Red Alert Robots

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About the project :

जय हिन्द जय भारत !

      सहर्ष अनुभव करते हुए गौरवान्वित होकर आपलोगो को बताना चाहेंगे की हमारी टीम " रेड एलर्ट रोबोट" यह
एक स्कूल विद्यार्थियों की टीम है , हम लोग रोबोट बनाते हैं।
अपनी इसी विशेषता को पहले राष्ट्रीय और अब अंतराष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने को जन सहयोग पाने हेतु
एक कैंपेन कर रहे है कृपया हमारे कम्पैनिंग प्रोजेक्ट के वीडियो पर एक नज़र डालें - यहां क्लिक करें।

 

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हमारे बारे में …
हम सरस्वती शिशु मंदिर गंगा नगर , गढ़ा, जबलपुर के 4 छात्रों की एक टीम हैं, हम हाल ही में नवंबर 2019 में
रूस में आयोजित होने वाली रोबोकप एशिया पैसिफिक प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा के लिए चयन प्राप्त कर चुके हैं।
हमने पिछले साल भारतीय राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीती थी और भारत भर में 500 टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई थी
और अब हम एशिया पैसिफिक चैम्पियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। RoboCup दुनिया भर में 60 देशों में आयोजित
सबसे प्रतिष्ठित रोबोटिक्स चैंपियनशिप में से एक है, जिसे MathsWorks, J.P. Morgan, FESTO, NASA
द्वारा व्यापक वैश्विक भागीदारी के साथ पदोन्नत किया जा रहा है। चैंपियनशिप जीतने और अपने देश को
गौरवान्वित करने के लिए हमें आपकी मदद चाहिए।
हम जबलपुर के "सरवती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय" में कृषि पारिवारिक पृष्ठभूमि से संबंधित 4 छात्रों
की एक टीम है। नई तकनीक के निर्माण और खोज करने के अवसर इस प्रतियोगिता से मिले राष्ट्रीय स्तरीय
प्रतियोगिता में सफलता अब, हमें एशिया पैसिफिक चैंपियंस ट्रॉफी को भारत लाने के लिए आपकी मदद की
आवश्यकता है।

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रोबोटिक्स में हम क्या करते हैं ?
हम आपदाग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को बचाने के लिए मिनी प्रोटोटाइप रोबोट बना रहे हैं। हम उन्हें स्मार्ट, तेज और
टिकाऊ बनाने के लिए निरंतर प्रयोग भी कर रहे हैं। जिस भूभाग पर हम अपने रोबोट चलाते हैं, वह बहुत ही खुरदरा
है और मुश्किल से मुश्किल होता है। हम लगातार अधिक से अधिक जीवन बचाने में मदद करने के लिए इस तकनीक
को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

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हमें आपकी सहायता की आवश्यकता क्यों है ?
रूस के लिए यात्रा व्यय के साथ हमारे उच्च स्तरीय मशीनरी बनाने में उपयोग किए जाने वाले भागों और
इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्माण करने के लिए । हम अब तक 1 लाख रुपये की खरीद कर पाए हैं, और आगे हमारे खर्चों को
पूरा करने के लिए 5 लाख की जरूरत है।

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हमारे लिए प्रौद्योगिकी चीजों को सीखने का एक नया तरीका है। प्रत्येक दिन एक नया सीखने का अनुभव है जो हम
उन उपकरणों और उपकरणों की खोज कर रहे हैं जिन्हें हमने पहले कभी नहीं देखा था। यह रोमांचक है और एक
कहावत की याद दिलाती है: "किसी भी चीज़ में विशेषज्ञ एक बार एक शुरुआत थी।" या यूं बोल सकती है की विज्ञान
में कल तक जो सपना मात्र था वो आज की हक़ीक़त है ।

हम प्रत्येक कार्य के लिए सबसे विश्वसनीय समाधान खोजने की कोशिश करते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम
कितने धीमे चलते हैं जब तक हम रुक नहीं जाते। लेकिन काम में आने वाली समस्या भी हमसे उतना ही प्यार करती
हैं जितना हम रोबोटिक्स से प्यार करते हैं। हम इन त्रुटियों से जूझते और ठीक करते रहते हैं, जब तक कि हम एक ऐसे
रोबोट के साथ नहीं आते जिस पर हम भरोसा कर सकें।
हम चुनौतियों का सामना करते हैं। हम अपने विचारों को लागू करने के लिए काफी दूर जा रहे हैं ताकि हम भारतीय
ध्वज को भारत के बहार जाकर भी के शीर्ष पर रख सकें।
हमारी इस सफलता के लिए मार्गदर्शक - माननीय श्री नरेंद्र कोष्टी जी , प्राचार्य श्रीमान राजेंद्र जी मिश्रा एवं सभी
आचार्यो के सहयोग से ही संभव हुआ है और आगे की यात्रा हेतु इनकी सबकी भागीदारी के साथ आप सब के सहयोग
और सम्पूर्ण विद्या भारती परिवार के आशीर्वाद की आवश्यकता होगी अत: इस कैंपेन को अपने अपने सहयोग से
सफल बनाये और सभी लोगो में शेयर करें ।‘

इन सबके साथ साथ Techkritya Eduventures टीम जिन्होंने अटल टिंकरिंग लेब के माध्यम से हमे सीखाया भी और प्रतियोगिता हेतु प्रोत्साहित कर हर संभव सहयोग प्रदान किया उन्हें भी बहुत बहुत आभार प्रकट करते है !

मैं संजय शर्मा और मेरी टीम अनिकेत सिंह ,सोनल शर्मा ,दीपक पटेल सभीअंत में उत्साहवर्धक इन कुछ
कविता की लाइन से अपनी बात कहना चाहेंगे ..

“कोशिश कर , हल निकलेगा,
आज नही तो, कल निकलेगा.
अर्जुन सा लक्ष्य रख, निशाना लगा,
मरुस्थल से भी फिर, जल निकलेगा.
मेहनत कर, पौधों को पानी दे,
बंजर में भी फिर, फल निकलेगा .
ताक़त जुटा, हिम्मत को आग दे,
फौलाद का भी, बल निकलेगा.
सीने में उम्मीदों को, ज़िंदा रख,
समन्दर से भी, गंगाजल निकलेगा.
कोशिशें जारी रख, कुछ कर ग़ुज़रने की,
जो कुछ थमा-थमा है, चल निकलेगा.
कोशिश कर, हल निकलेगा,
आज नहीं तो, कल निकलगा.”

                                             

101

Good luck

2100

Best of luck.

5100

बधाई हो, मेह्नत्त करें और आगे बढे!